All India tv news। अगर आप भी रील्स बनाने, गेमिंग या एनिमेशन के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है! सरकार ने इस बार के बजट में युवाओं के डिजिटल सपनों को पंख लगाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब देश के स्कूलों में सिर्फ किताबों से पढ़ाई नहीं होगी, बल्कि कंटेंट क्रिएटर लैब्स में भविष्य के इंफ्लुएंसर्स और गेमर्स तैयार किए जाएंगे।
डिजिटल इंडिया के इस दौर में अब 'क्रिएटिविटी' ही असली करियर है। वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि देश भर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में अत्याधुनिक 'कंटेंट क्रिएटर लैब्स' स्थापित की जाएंगी।
इस मास्टरप्लान की 3 बड़ी बातें:-
स्कूल में ही सीखेंगे वीडियो मेकिंग:- अब बच्चे बचपन से ही वीडियो एडिटिंग, प्रोफेशनल स्टोरीटेलिंग और डिजिटल कंटेंट के गुर सीख सकेंगे।
AVGC सेक्टर पर फोकस:- एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग को भविष्य का सबसे बड़ा रोजगार क्षेत्र माना जा रहा है। इसी कड़ी में मुंबई में 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज' की स्थापना भी की जाएगी।
यूनिवर्सिटी टाउनशिप और हॉस्टल:- शिक्षा को सीधे इंडस्ट्री से जोड़ने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी और छात्राओं की सुविधा के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण होगा।
इस फैसले से पटना की मशहूर क्रिएटर अलीशा सिंह और ग्राफिक डिजाइनर अभिनव शर्मा जैसे युवा बेहद उत्साहित हैं। उनका मानना है कि यह कदम उन लाखों बच्चों के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगा जिनके पास हुनर तो है, लेकिन सही मंच और ट्रेनिंग की कमी थी।
साफ है कि सरकार अब पारंपरिक नौकरियों से आगे बढ़कर नए जमाने के स्किल्स पर दांव लगा रही है। तो तैयार हो जाइए, क्योंकि अब आपके घर से भी अगला बड़ा यूट्यूबर या गेम डेवलपर निकल सकता है!

