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उत्तराखंड में शिक्षा क्रांति! अब इंसानी आँखें नहीं, 'सॉफ्टवेयर' जाँचेगा आपकी उत्तर पुस्तिकाएं।

 



All India tv news। उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक डिजिटल बदलाव होने जा रहा है। अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के जरिए होगा। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसे राज्य में पारदर्शिता और डिजिटल क्रांति की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है।

पहले चरण का आगाज़:- इस नई व्यवस्था को प्राथमिक तौर पर कक्षा 1 से लेकर कक्षा 9 तक के छात्रों के लिए लागू किया जा रहा है।

कैसे होगा मूल्यांकन? छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया जाएगा। इसके बाद एक अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर स्वचालित रूप से उत्तरों की जांच करेगा और अंक प्रदान करेगा।

2-3 दिन में रिपोर्ट कार्ड:- मूल्यांकन की रफ्तार इतनी तेज़ होगी कि परीक्षा के बाद मात्र दो से तीन दिनों के भीतर ऑनलाइन रिपोर्ट कार्ड तैयार हो जाएगा, जिससे छात्रों और अभिभावकों का लंबा इंतज़ार खत्म होगा।

विद्या समीक्षा केंद्र की भूमिका:- यह पूरी प्रक्रिया विद्या समीक्षा केंद्र  के माध्यम से संचालित की जाएगी, जो राज्य की शिक्षा प्रणाली की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डेटा विश्लेषण का मुख्य केंद्र बन चुका है।

उद्देश्य और लाभ:- शिक्षा मंत्री के अनुसार, इस कदम से शिक्षकों का कीमती समय बचेगा और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, क्योंकि इसमें मानवीय भूल या भेदभाव की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा, "विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से लिया गया यह निर्णय राज्य की शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और हाई-टेक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है"।

भविष्य में इस तकनीक को बोर्ड परीक्षाओं में भी लागू करने की योजना है, जिससे उत्तराखंड शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।

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