राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

देहरादून के DM सविन बंसल पर गंभीर आरोप: महिला सैन्य अधिकारी ने खोला मोर्चा, CM धामी से की 'तानाशाही' की शिकायत।

 



All India tv news।  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक वरिष्ठ महिला अधिकारी ने जिलाधिकारी सविन बंसल पर मानसिक उत्पीड़न और तानाशाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। क्लेमेन टाउन कैंट बोर्ड की सीईओ अंकिता सिंह, जो कि एक सीनियर क्लास वन ऑफिसर हैं, ने इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लेकर मुख्य सचिव तक को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद तब सार्वजनिक हुआ जब 31 जनवरी की शाम एआरटीओ और पुलिस की एक टीम अचानक सीईओ अंकिता सिंह के आवास पर उनकी सरकारी गाड़ी को जब्त करने पहुंच गई। आरोप है कि यह कार्रवाई डीएम सविन बंसल के सीधे आदेश पर की गई थी।

सीईओ अंकिता सिंह के गंभीर आरोप:-

मानसिक उत्पीड़न:- सीईओ ने आरोप लगाया है कि डीएम बंसल लंबे समय से उनके साथ 'तानाशाह' (हिटलर) जैसा व्यवहार कर रहे हैं और बार-बार उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।

मर्यादा का उल्लंघन:- महिला अधिकारी का कहना है कि शाम के वक्त बिना किसी ठोस आधार के उनके घर पुलिस भेजना न केवल प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन है, बल्कि एक महिला अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुँचाना भी है।

बदले की भावना:- अंकिता सिंह ने इस पूरी कार्रवाई को 'बदले की भावना' से प्रेरित बताया है।

प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल:-

इस शिकायत के बाद उत्तराखंड का प्रशासनिक महकमा सकते में है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) इस मामले को गंभीरता से देख रहा है। चर्चा है कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आगामी हरिद्वार दौरे से पहले यह मामला तूल पकड़ सकता है, क्योंकि अंकिता सिंह रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले कैंट बोर्ड की अधिकारी हैं।

डीएम का पक्ष:-

फिलहाल डीएम सविन बंसल की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार प्रशासन इसे नियम विरुद्ध वाहन संचालन से जुड़ी रुटीन कार्रवाई के तौर पर देख रहा है।