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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

पिथौरागढ़ की बेटियों का मुक्केबाजी में दबदबा, बनीं प्रदेश की ओवरऑल चैंपियन।



All India tv news। उत्तराखंड के खेल जगत से आज एक बड़ी और गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आ रही है। सीमांत जिले पिथौरागढ़ की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुक्केबाजी के रिंग में उनका कोई सानी नहीं है। हरिद्वार में आयोजित राज्य स्तरीय युवा मुक्केबाजी प्रतियोगिता में पिथौरागढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बालिका वर्ग में ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है।
मुख्य विवरण:-
  • प्रतियोगिता:- उत्तराखंड यूथ (महिला एवं पुरुष) मुक्केबाजी प्रतियोगिता 2026। 
  • स्थान:- योगस्थली स्पोर्ट्स स्टेडियम, रोशनाबाद, हरिद्वार। 
  • आयोजक:- उत्तराखंड बॉक्सिंग एसोसिएशन। 
  • विजेता:- बालिका वर्ग (महिला वर्ग) में पिथौरागढ़ ओवरऑल चैंपियन रहा। 
  • उपविजेता:- बालिका वर्ग में स्पोर्ट्स हॉस्टल की टीम रनरअप रही। 
  • मुख्य अतिथि:- प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने समापन समारोह में शिरकत की और विजेताओं को मेडल व ट्रॉफी प्रदान की। 
  1. दबदबा कायम:- प्रदेश के सभी 13 जिलों की टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया, लेकिन पिथौरागढ़ की मुक्केबाजों ने अपनी तकनीक और ताकत से रिंग में एकतरफा पकड़ बनाए रखी। 
  2. खेल मंत्री का बयान:- खेल मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उत्तराखंड के मुक्केबाज अब ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे बड़े मंचों पर देश का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने राज्य में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में निर्माणाधीन गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज का भी जिक्र किया। 
  3. अन्य परिणाम:- जहाँ बालिका वर्ग में पिथौरागढ़ अव्वल रहा, वहीं बालक वर्ग में चंपावत की टीम चैंपियन बनी। 
पिथौरागढ़ जिसे मुक्केबाजों की नर्सरी कहा जाता है, वहाँ की बेटियों की यह जीत आगामी नेशनल गेम्स के लिए एक शुभ संकेत है। इन खिलाड़ियों ने दिखा दिया है कि सुविधाओं के अभाव के बावजूद कड़ी मेहनत से शिखर तक पहुँचा जा सकता है।

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