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लखनऊ में भीषण अग्निकांड: कोचिंग सेंटर में लगी भयानक आग, 15 छात्रों की दर्दनाक मौत; KGMU ने की पुष्टि।

 


All India tv news। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस वक्त की बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है। लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर में आज भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसने और दम घुटने के कारण अब तक 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। मृतकों में ज्यादातर छात्र शामिल हैं। आग इतनी भयानक थी कि अपनी जान बचाने के लिए कई छात्रों ने इमारत की ऊपरी मंजिलों से नीचे छलांग लगा दी। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) प्रशासन ने इस हादसे में 15 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

मुख्य बिंदु :-
  • बड़ी त्रासदी: लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) के एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग।
  • भारी क्षति: हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत, मरने वालों में अधिकांश छात्र।
  • KGMU की पुष्टि: मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल लाने से पहले ही 15 लोग दम तोड़ चुके थे।
  • जान बचाने की जद्दोजहद: दम घुटने और आग से बचने के लिए कई छात्रों ने खिड़कियों से नीचे छलांग लगाई।
  • हाई-लेवल जांच: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ का दौरा रद्द कर लखनऊ का रुख किया; DGP और गृह विभाग को सौंपी जांच।
  • मुआवजे का ऐलान: मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और गंभीर घायलों को ₹50,000 की तत्काल आर्थिक मदद की घोषणा। 
यह दर्दनाक हादसा सोमवार दोपहर को लखनऊ के व्यस्त इलाके अलीगंज के पुरनिया में स्थित एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में हुआ। देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में काला धुआं भर गया, जिससे वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों में भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक कई छात्र गंभीर रूप से झुलस चुके थे और धुएं की वजह से बेहोश हो चुके थे।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल लाए जाने तक 15 लोगों की मौत हो चुकी थी, जिनमें से अधिकांश की मौत दम घुटने के कारण हुई है। इसके अलावा 7 से 8 अन्य घायल छात्रों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ को रीढ़ की हड्डी और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।
राजनीतिक हलचल और सरकारी एक्शन:-
इस भयावह घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएम राहत कोष से भी मृतकों के परिजनों के लिए ₹2 लाख की सहायता राशि की घोषणा की गई है।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और वे सीधे घटना स्थल का मुआयना करने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश देते हुए साफ कहा है कि इस लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर कमर्शियल और कोचिंग इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों और इमरजेंसी एग्जिट के ये संस्थान कैसे चल रहे थे?

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