All India tv news। उत्तराखंड में सरकारी शिक्षकों की हड़ताल ने शिक्षा व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजकीय शिक्षक संघ के आह्वान पर 18 अगस्त से शुरू हुए 'चॉक डाउन' आंदोलन में लगभग 99 प्रतिशत शिक्षक शामिल हैं, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
हड़ताल के कारण :-
पदोन्नति और स्थानांतरण की मांग : शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति और स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं।
सरकार की सख्ती : सरकार ने आंदोलन पर सख्ती दिखाई है, लेकिन संवाद की कमी से विवाद और गहरा गया है।
हड़ताल का प्रभाव :-
स्कूलों में पढ़ाई ठप : देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार समेत कई जिलों के स्कूलों में पढ़ाई ठप है।
छात्र प्रभावित : हरिद्वार में 7000 छात्र प्रभावित हुए हैं और कौशल विकास कार्यक्रम भी स्थगित हो गए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया :-
शिक्षा सचिव के आदेश : शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने 20 अगस्त को महानिदेशक को पत्र लिखकर हड़ताल रोकने के आदेश दिए।
बातचीत का प्रयास : विभाग ने पदोन्नति और स्थानांतरण पर विचार करने का संकेत दिया है, लेकिन समयसीमा स्पष्ट नहीं।
आगे की संभावनाएं :-
आंदोलन और तेज होने की संभावना : संघ ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी न हुईं, तो आंदोलन और तेज होगा।
बोर्ड परीक्षाएं और नए सत्र की शुरुआत प्रभावित होने की संभावना : यदि हड़ताल लंबी चली, तो बोर्ड परीक्षाएं और नए सत्र की शुरुआत प्रभावित हो सकती है।