All India tv news।। हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक निजी अस्पताल, चंदन हॉस्पिटल, पर अमानवीयता के गंभीर आरोप लगे हैं। अल्मोड़ा से रेफर होकर आई एक महिला मरीज की मौत के बाद, अस्पताल प्रबंधन पर कथित तौर पर महज दो घंटे के इलाज के लिए ₹80 हजार का भारी-भरकम बिल बनाने और बिल का भुगतान न होने तक शव परिजनों को सौंपने से इनकार करने का आरोप है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले का विवरण:-
पीड़ित परिवार के अनुसार, अल्मोड़ा निवासी सीमा नामक महिला की तबीयत खराब होने पर उन्हें हल्द्वानी लाया गया था। शुरुआत में उन्हें डॉ. सुशीला तिवारी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए चंदन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सिर्फ दो घंटे के इलाज के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया गया और फिर उन्हें ₹80,000 का बिल थमा दिया गया।
परिजनों ने बताया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और पहले ही उपचार के लिए कुछ राशि (लगभग ₹57,000) जमा कर चुके थे। बाकी पैसे न होने पर, अस्पताल प्रबंधन ने कथित तौर पर शव देने से साफ इनकार कर दिया और अतिरिक्त ₹30,000 जमा करने की शर्त रखी।
पुलिस का हस्तक्षेप और कार्रवाई की तैयारी:
परेशान परिजनों ने नैनीताल के एसएसपी (SSP) मंजूनाथ टीसी से संपर्क किया और आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी ने तत्काल संज्ञान लिया और सीओ सिटी और कोतवाली प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस टीम ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर हस्तक्षेप किया, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव परिजनों के सुपुर्द किया और मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को भविष्य में ऐसी अमानवीय हरकत न करने की सख्त हिदायत दी है। एसएसपी ने यह भी कहा है कि संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर होने वाली मनमानी और मानवता की कमी को उजागर किया है।

