All India tv news। उत्तराखंड के कुमाऊं द्वार कहे जाने वाले काशीपुर और रामनगर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग (NH-309) आज कल राहगीरों के लिए 'खतरे की घंटी' बना हुआ है। पर्यटन और व्यापार के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण यह सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों और बदहाली का शिकार है, जहाँ लोग हर पल अपनी जान हथेली पर रखकर सफर कर रहे हैं। देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।
बदहाली की तस्वीर:- काशीपुर से रामनगर जाने वाले इस हाईवे पर कदम-कदम पर मौत का साया है। सड़क की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहाँ कोलतार कम और दो-दो फीट गहरे गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं।
हादसों का सिलसिला:- पिछले कुछ महीनों में इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है। हाल ही में रामनगर-काशीपुर हाईवे पर एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, तो कहीं डंपर और बाइक की भिड़ंत में मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। भारी लोडेड डंपर और ट्रक अक्सर इन गड्ढों के कारण अपना संतुलन खोकर नहर में जा गिरते हैं।https://youtu.be/V1T51mdLZwY?si=wGQLdiURZxlju3pV
प्रशासन की लापरवाही:- स्थानीय लोगों का आरोप है कि गड्ढों को भरने के लिए विभाग द्वारा ईंट और मिट्टी का 'जुगाड़' किया जाता है, जो पहली ही बारिश या भारी वाहन के गुजरने पर फिर से जानलेवा बन जाता है। हालाँकि, सरकार ने इस सड़क को फोरलेन बनाने के लिए करोड़ों के बजट और टेंडर की बात कही है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
आम जनता का आक्रोश:- इस मार्ग से गुजरने वाले स्कूली बच्चे, एंबुलेंस और हजारों पर्यटक हर दिन इन गड्ढों में हिचकोले खाने को मजबूर हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

