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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

सकट चौथ 2026: संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए करें व्रत, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।

 


 All India tv news। सनातन धर्म में सकट चौथ व्रत का विशेष महत्व है, जिसे संकष्टी चतुर्थी, तिलकुट और माघ चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है और माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से संतान के जीवन में आने वाले हर संकट दूर होते हैं और उन्हें लंबी आयु व सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। इस व्रत में चंद्रमा को अर्घ्य देना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

व्रत का महत्व:

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सकट चौथ का व्रत माताएं अपनी संतान की सुरक्षा, सौभाग्य और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। इस व्रत के प्रभाव से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और बच्चों के रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों को दूर करते हैं।

पूजा विधि:

सकट चौथ के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें और उनका ध्यान करें। पूजा में तिल, गुड़, फूल, दूर्वा, मोदक और मिष्ठान अर्पित करें। व्रत कथा सुनें या पढ़ें। दिनभर निर्जला उपवास रखें। शाम को चंद्रमा उदय होने पर चंद्र देव को अर्घ्य दें और उसके बाद ही व्रत खोलें ।

शुभ मुहूर्त:

इस वर्ष सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। 

चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 6 जनवरी 2026, शाम 04:36 बजे 

चतुर्थी तिथि समाप्त: 7 जनवरी 2026, शाम 04:47 बजे

चंद्रोदय का समय: 6 जनवरी 2026, रात 08:33 बजे (स्थान के अनुसार समय में थोड़ा बदलाव संभव है) 

जो माताएं अपनी संतान के सुखी और सुरक्षित जीवन की कामना करती हैं, वे इस पावन दिन भगवान गणेश की आराधना कर सकती हैं और व्रत के नियमों का पालन कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकती हैं।



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