राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

UOU का बड़ा कदम: अब घर बैठे सीखें विदेशी भाषाएं, युवाओं के लिए खुलेंगे वैश्विक करियर के द्वार!



All India tv news। उत्तराखंड के युवाओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) ने अब अपने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए 'विदेशी भाषा' सीखने का सुनहरा मौका दिया है। विश्वविद्यालय ने इसके लिए आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आवेदन प्रक्रिया और पाठ्यक्रमों की जानकारी साझा की है।

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) ने वैश्वीकरण के इस दौर में अपने छात्रों को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने के लिए विदेशी भाषा पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। विश्वविद्यालय के इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।

पाठ्यक्रम की मुख्य बातें:-

प्रवेश की महत्वपूर्ण तिथियां:- शैक्षणिक सत्र जनवरी 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। विश्वविद्यालय ने हाल ही में आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 20 फरवरी 2026 कर दिया है।

कौशल विकास पर जोर:- इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्र न केवल नई भाषाएं सीखेंगे, बल्कि पर्यटन, अनुवाद और अंतरराष्ट्रीय बिजनेस जैसे क्षेत्रों में अपने करियर को मजबूती दे सकेंगे।

लचीली शिक्षा प्रणाली:- विश्वविद्यालय की दूरस्थ शिक्षा नीति के कारण, छात्र अपनी नियमित पढ़ाई या नौकरी के साथ-साथ इन विदेशी भाषा पाठ्यक्रमों को पूरा कर सकते हैं।

आवेदन कैसे करें:- इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट uou.ac.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय:-

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पर्यटन प्रधान राज्य के युवाओं के लिए विदेशी भाषा का ज्ञान एक 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है। इससे न केवल स्थानीय गाइडों को मदद मिलेगी, बल्कि मल्टीनेशनल कंपनियों में भी उनके चयन की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।