All India tv news। अल्मोड़ा जिले के सल्ट विधानसभा क्षेत्र के मानिला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) परिसर से दिल दहला देने वाली तस्वीरें और ख़बरें सामने आ रही हैं, जिसने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस अस्पताल का निर्माण क्षेत्रवासियों के इलाज के लिए किया गया था, वह आज आवारा और मृत पशुओं का ठिकाना बन गया है।
अस्पताल परिसर में गायों की मौत :-
मिली जानकारी के अनुसार, मानिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर के भीतर कई गायें मृत अवस्था में मिली हैं। स्थानीय लोगों ने दुख जताते हुए कहा कि लंबे समय से ये बेसहारा पशु यहां पड़े हुए हैं, लेकिन न तो पशुपालन विभाग और न ही अस्पताल प्रशासन इनकी सुध ले रहा है।
कर्मचारियों की गैरमौजूदगी और बदबू :-
सबसे हैरानीजनक और चिंताजनक पहलू यह है कि शिकायत के बावजूद अस्पताल में पिछले कई दिनों से कोई कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं है। मृत गायों के शव परिसर में ही सड़ रहे हैं उन्हें कुत्ते नोच रहे हैं, जिससे भयानक बदबू फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अस्पताल में ताले लटके हुए हैं और जिम्मेदार लोग नदारद हैं।
5 करोड़ के बजट पर सवाल :-
स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया था। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह बजट केवल भव्य इमारत खड़ी करने के लिए था या यहां स्वास्थ्य सेवाएं भी संचालित होनी थीं? अस्पताल की मौजूदा हालत सरकारी धन के दुरुपयोग की कहानी बयां कर रही है।
ज़िम्मेदारी किसकी?
यह स्थिति सरकार, स्थानीय प्रशासन और उन लोगों की संवेदनहीनता को उजागर करती है जो अपने पशुओं का दूध निकालकर उन्हें बेसहारा छोड़ देते हैं। मानिला क्षेत्र के लोग प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।




