All India tv news। देहरादून के पछवादून क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी का तरीका पुलिस और प्रशासन के लिए एक नई चुनौती पेश कर रहा है। अवैध धंधे में शामिल लोगों ने कानून की गिरफ्त से बचने के लिए अपने तरीके बदल दिए हैं।
हाल की घटनाओं ने इस गंभीर मुद्दे को चर्चा में ला दिया है और स्थानीय निवासियों व अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
तस्कर गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं और उनका इस्तेमाल स्मैक, चरस और गांजा जैसे महंगे और खतरनाक नशीले पदार्थों की डिलीवरी और बिक्री के लिए कर रहे हैं। तस्करी करने का मुख्य कारण यह है कि पकड़े जाने पर भी वे कानूनी रूप से कम सजा के भागीदार होते हैं, जिसका फायदा ये शातिर अपराधी उठा रहे हैं।
पुलिस अब इस नए तरीके की कमर तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने एंटी-ड्रग टास्क फोर्स (ADTF) को निर्देश दिए हैं कि वे इन गिरोहों की पहचान करें और इस दलदल में धकेलने वाले मुख्य सरगनाओं को जल्द से जल्द गिरफ्तार करें। साथ ही, स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर अभिभावकों से भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की अपील की जा रही है।

