All India tv news। भारत ने स्वच्छ ऊर्जा परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन ट्रेन का हरियाणा के जिंद-सोनीपत रेल मार्ग पर सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है।
यह उपलब्धि भारत को उन चुनिंदा देशों की लीग में शामिल होने के करीब लाती है जिन्होंने इस अत्याधुनिक तकनीक को अपनाया है। भारत अब हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने वाला विश्व का पाँचवाँ देश बनने की ओर अग्रसर है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के लिए एक बड़ी सफलता है।
पर्यावरण के लिए वरदान :-
पारंपरिक डीजल इंजनों के विपरीत, ये हाइड्रोजन-ईंधन वाली ट्रेनें पर्यावरण के लिए बेहद अनुकूल हैं। ये संचालन के दौरान वायुमंडल में किसी भी प्रकार की हानिकारक गैस का उत्सर्जन नहीं करतीं, बल्कि केवल पानी छोड़ती हैं। यह तकनीक भारतीय रेलवे को अधिक स्वच्छ, ऊर्जा-कुशल और हरित बनाने की क्षमता रखती है।
भविष्य की ओर एक कदम :-
रेल मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि भारत के विशाल रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाना और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। इस सफल परीक्षण ने भविष्य में और अधिक स्वच्छ ऊर्जा-आधारित परियोजनाओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाइड्रोजन ट्रेन की सफलता भारत के परिवहन क्षेत्र में क्रांति ला सकती है, जिससे देश के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी।

