All India tv news। उत्तराखंड के पहाड़ों से एक बार फिर मानवता और अदम्य साहस की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। मयलगांव (बबलिया) की रहने वाली जांबाज बेटी सुनीता कत्युरा ने अपनी बहादुरी से मौत को मात दे दी है।
सुनीता पर एक आदमखोर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया था। आम तौर पर ऐसे हमलों में लोग हिम्मत हार जाते हैं, लेकिन सुनीता ने गजब का हौसला दिखाया। वह न केवल तेंदुए के चंगुल से खुद को बचाने में कामयाब रही, बल्कि तब तक उस खूंखार जानवर से लड़ती रही जब तक कि तेंदुआ वहां से दुम दबाकर भाग नहीं गया। सुनीता की इस बहादुरी को आज पूरा इलाका सलाम कर रहा है।
मदद के लिए आगे आए सामाजिक सरोकार के हाथ :-
इस घटना में सुनीता गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिसके बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन उनकी मदद के लिए तुरंत आगे आए हैं:
- ₹11,000 की त्वरित आर्थिक सहायता: माननीय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री सुरेन्द्र नेगी जी ने सुनीता के घर पहुंचकर उनके साहस की सराहना की। उन्होंने सुनीता के इलाज और हौसला-अफजाई के लिए ₹11,000 की सहयोग राशि का चेक प्रदान किया। इस नेक कार्य के लिए पूरा क्षेत्र उनका आभार जता रहा है और मां देघाट से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है।
- इलाज की पूरी जिम्मेदारी का भरोसा: GR Charitable Health Trust और सनवाल मेडिकल स्याल्दे भी इस संकट की घड़ी में सुनीता के साथ खड़े हुए हैं। ट्रस्ट की ओर से सुनीता को आश्वस्त किया गया है कि भविष्य में उनके उपचार के लिए जो भी जरूरत होगी, उसे ट्रस्ट के माध्यम से हर संभव तरीके से पूरा किया जाएगा।
पहाड़ की इस बहादुर बेटी का हौसला और संकट के समय समाज का यह एकजुट सहयोग सच में मानवता की एक अनूठी मिसाल है। हमारा न्यूज चैनल सुनीता कत्युरा के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता है और उनकी इस अटूट बहादुरी को नमन करता है।

