राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

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श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

आरटीओ का 'कुबेर' सिपाही: जमीन से निकली चांदी की सिल्लियां, जंगल में मिली 52 किलो सोने वाली 'जादुई' कार!

 




All India tv news। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। एक मामूली आरटीओ सिपाही, जिसकी तनख्वाह महज कुछ हजार थी, वह करोड़ों की अकूत संपत्ति का मालिक कैसे बन गया? जांच एजेंसियों ने जब छापेमारी की, तो फर्श के नीचे से चांदी की सिल्लियां निकलीं और जंगल में लावारिस खड़ी एक कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। आइए देखते हैं भ्रष्टाचार के इस 'महासाम्राज्य' की पूरी कहानी।

मुख्य खबरें :-

फर्श के नीचे चांदी का खजाना: पूर्व आरटीओ सिपाही सौरभ शर्मा के ठिकानों पर जब लोकायुक्त पुलिस ने छापेमारी की, तो ऑफिस और घर के फर्श की टाइल्स उखाड़ने पर 200 किलोग्राम (2 क्विंटल) चांदी की सिल्लियां बरामद हुईं।

मेंडोरी के जंगल में 'गोल्डन' कार:- भोपाल के पास मेंडोरी के जंगल में एक सफेद इनोवा कार लावारिस हालत में मिली। जब इसकी तलाशी ली गई, तो जांच अधिकारी भी दंग रह गए। कार के अंदर से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद मिले।

बेनामी संपत्ति का जाल:- प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में खुलासा हुआ है कि यह सारा पैसा और सोना सौरभ शर्मा का ही है। ईडी अब तक उसकी 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।

दुबई तक फैला साम्राज्य:- जांच में सामने आया है कि इस सिपाही के पास न केवल भारत में करोड़ों के बंगले और जमीनें हैं, बल्कि दुबई में 50 करोड़ रुपये का एक आलीशान विला भी होने का दावा किया जा रहा है।

कौन है सौरभ शर्मा?:- सौरभ शर्मा परिवहन विभाग में एक मामूली सिपाही के पद पर तैनात था, जिसने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति पाई थी। 2023 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर वह रियल एस्टेट के कारोबार में उतर गया था।

न्यूज़ रिपोर्ट की मुख्य बातें:-

छापेमारी की शुरुआत:- यह पूरा खुलासा दिसंबर 2024 में लोकायुक्त और आयकर विभाग की संयुक्त छापेमारी के बाद शुरू हुआ।

कार का रहस्य:- जंगल में मिली इनोवा कार सौरभ के करीबी सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर दर्ज थी। सीसीटीवी फुटेज में यह कार छापेमारी के दौरान सौरभ के घर के पास से गुजरती हुई देखी गई थी।

जांच का दायरा:- वर्तमान में ईडी, आयकर विभाग और लोकायुक्त पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं कि एक सिपाही के पास इतना धन कहाँ से आया। आशंका है कि इसमें कई बड़े अधिकारी और नेता भी शामिल हो सकते हैं।

इस खुलासे ने साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो सकती हैं। फिलहाल सौरभ शर्मा और उसके साथी सलाखों के पीछे हैं, लेकिन सवाल अब भी वही है कि क्या इस 'पैसे के पहाड़' के पीछे कोई और बड़ा चेहरा भी है?