All India tv news। चिकित्सा जगत से आज एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल विज्ञान की ताकत को साबित किया है, बल्कि डॉक्टरों को 'धरती का भगवान' क्यों कहा जाता है, यह भी चरितार्थ कर दिया है। मायानगरी मुंबई में डॉक्टरों की एक टीम ने अपनी कुशलता से एक 61 वर्षीय महिला को मौत के मुँह से बाहर निकाल लिया है।
मुंबई के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती 61 वर्षीय महिला, जो लंबे समय से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रही थी, उनके पेट में एक विशाल ट्यूमर विकसित हो गया था। ट्यूमर इतना बड़ा था कि महिला की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई थी और उनके अंगों पर इसका भारी दबाव पड़ रहा था। डॉक्टरों ने जब ट्यूमर का वजन किया, तो वे भी दंग रह गए—इसका कुल वजन 8.8 किलो था।
यह ऑपरेशन बेहद जटिल था, क्योंकि ट्यूमर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के बेहद करीब था। लेकिन डॉक्टरों के अटूट समर्पण और विशेषज्ञता के कारण यह सफल रहा।
सबसे सुखद बात यह रही कि इतनी बड़ी और मुश्किल सर्जरी के बाद भी महिला ने अद्भुत रिकवरी दिखाई। जहाँ ऐसी सर्जरी के बाद हफ़्तों अस्पताल में बिताने पड़ते हैं, वहीं यह महिला मात्र 3 दिन में ही पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दी गई।
यह सफल ऑपरेशन न केवल उन मरीजों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है जो गंभीर बीमारियों से लड़ रहे हैं, बल्कि यह हमारे देश की उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का एक जीवंत उदाहरण भी है। [आपके चैनल का नाम] की ओर से डॉक्टरों की इस जांबाज टीम को सलाम!


