All India tv news। राजस्थान के प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर में शुक्रवार तड़के CBI ने एक फिल्मी स्टाइल में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बैंकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाला मुख्य आरोपी संजीव दीक्षित (उर्फ संजय शर्मा/पंकज भारद्वाज), जो पिछले 10 सालों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था, आखिरकार CBI के हत्थे चढ़ गया।
खबर की मुख्य बातें:-
फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी:- आरोपी मंदिर की धर्मशाला के कमरा नंबर 54 में नाम बदलकर रुका था। CBI की टीम ने पास के ही कमरा नंबर 53 में पूरी रात 'अतिथि' बनकर उसकी निगरानी की और सुबह 5 बजे उसे दबोच लिया।
करोड़ों का बैंक फ्रॉड:- आरोपी ने 2013 में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सहित अन्य बैंकों से लगभग 20-25 करोड़ रुपये का लोन लिया और गायब हो गया।
पहचान बदलकर फरारी:- 2016 में सोनीपत पुलिस की हिरासत से भागने के बाद, उसे 2017 में भगोड़ा घोषित किया गया था। वह अपनी पहचान छिपाने के लिए खुद को ज्योतिषी बताता था और अक्सर धार्मिक स्थलों को अपना ठिकाना बनाता था।
पत्नी भी गिरफ्तार:- CBI ने इसी मामले से जुड़ी दूसरी भगोड़ी आरोपी और संजीव की पत्नी आरती शर्मा को गुजरात के वड़ोदरा से गिरफ्तार किया है।
CBI की रणनीति:-
जांच एजेंसी ने ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर संजीव की लोकेशन ट्रैक की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर दिल्ली ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है।

