All India tv news। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में मोदी सरकार का एक और महत्वपूर्ण बजट पेश किया। करीब 90 मिनट तक चले अपने भाषण में वित्त मंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए कई बड़े वादे किए, लेकिन क्या इन वादों में आम आदमी के लिए कुछ खास था? चलिए देखते हैं इस बजट का सेक्टर-वार विश्लेषण।
1. इनकम टैक्स :-
मध्यम वर्ग को निराशा: इस साल के बजट भाषण में व्यक्तिगत आयकर की दरों या स्लैब में किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की गई।
पुराना अपडेट: पिछले साल (बजट 2025) में नई टैक्स व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री किया गया था, लेकिन इस साल उसमें कोई नई राहत नहीं जोड़ी गई है।
2. मैन्युफैक्चरिंग और टेक :-
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0:- भारत को ग्लोबल हब बनाने के लिए 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' का ऐलान किया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स:- इलेक्ट्रॉनिक घटकों के निर्माण के लिए बजटीय परिव्यय को बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव है।
कंटेंट क्रिएटर लैब्स:- गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने के लिए 15,000 स्कूलों में 'कंटेंट क्रिएटर लैब्स' स्थापित की जाएंगी।
3. इंफ्रास्ट्रक्चर :-
पूंजीगत व्यय :- सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है, जो विकास को गति देने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
4. स्वास्थ्य और शिक्षा :-
कैंसर की दवाएं सस्ती:- कैंसर के मरीजों को राहत देते हुए 17 और जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क खत्म करने का प्रस्ताव दिया गया है।
मेडिकल सीटें:- अगले 5 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में 75,000 नई सीटें जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
5. उद्योग और व्यापार :-
केमिकल पार्क:- घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए तीन समर्पित केमिकल पार्क बनाने के लिए राज्यों को सहायता दी जाएगी।
रेयर अर्थ कॉरिडोर:- ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' विकसित किए जाएंगे।
6. एमएसएमई :-
वित्त मंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए ऋण सुविधा और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं का जिक्र किया है, ताकि छोटे उद्योगों को ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ा जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट पूरी तरह से भविष्य की तैयारी में विकसित भारत और लंबी अवधि के निवेश पर केंद्रित है, लेकिन महंगाई से जूझ रहे आम आदमी के लिए तत्काल राहत के मोर्चे पर यह बजट 'फीका' नजर आ रहा है।

