राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

उत्तराखंड शिक्षा विभाग में मची खलबली: प्रोबेशन पीरियड में 'जुगाड़' लगाने वाले शिक्षकों को महानिदेशक की दो-टूक चेतावनी।

 

 


All India tv news। उत्तराखंड शिक्षा विभाग में इन दिनों एक अजीबोगरीब स्थिति बनी हुई है। हाल ही में नियुक्त हुए कुछ शिक्षक और कर्मचारी अपनी ड्यूटी जॉइन करते ही मनचाही पोस्टिंग के लिए 'जुगाड़' और सिफारिशों का सहारा ले रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि ऐसी कोशिशें न केवल नियमों के खिलाफ हैं, बल्कि इसे घोर अनुशासनहीनता माना जाएगा।

 


उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अभी नई नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी ही हुई है कि विभाग में तबादलों और सम्बद्धीकरण (अटैचमेंट) के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। हैरानी की बात यह है कि जिन शिक्षकों और कार्मिकों की नौकरी को अभी कुछ ही समय बीता है—यानी जिनका परिवीक्षाकाल (प्रोबेशन पीरियड) भी पूरा नहीं हुआ है—वे भी अपनी तैनाती वाली जगह से हटकर सुगम स्थानों पर आने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।

महानिदेशक की कड़ी चेतावनी:-

शिक्षा महानिदेशालय ने इस प्रवृत्ति पर गहरी नाराजगी जताई है। महानिदेशक दीप्ति सिंह ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को स्पष्ट चेतावनी दी है:

नियमों का उल्लंघन:- प्रोबेशन पीरियड के दौरान स्थानांतरण या सम्बद्धीकरण का प्रयास करना पूरी तरह नियम विरुद्ध है।

अनुशासनहीनता:- विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाहरी प्रभाव या राजनीतिक सिफारिशों के जरिए अपनी पोस्टिंग बदलवाने की कोशिश को अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा जाएगा और ऐसे कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

कार्य पर ध्यान दें:- महानिदेशालय का निर्देश है कि नए शिक्षक अपनी ऊर्जा बच्चों को पढ़ाने और शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने में लगाएं, न कि सचिवालय और महानिदेशालय के चक्कर काटने में।

क्यों हो रही है इतनी सख्ती?

उत्तराखंड में अक्सर यह देखा गया है कि दुर्गम क्षेत्रों में नियुक्ति मिलते ही शिक्षक सुगम क्षेत्रों में आने के लिए रास्ता खोजने लगते हैं, जिससे पहाड़ के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो जाती है। राज्य सरकार ने हाल ही में 1,035 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र सौंपे हैं ताकि शिक्षा के स्तर को सुधारा जा सके। ऐसे में शुरुआत में ही 'जुगाड़' की संस्कृति विभाग के लक्ष्यों में बाधा डाल रही है।

अब देखना यह होगा कि महानिदेशक की इस कड़ी चेतावनी के बाद क्या ये नवनियुक्त कार्मिक 'जुगाड़' छोड़ अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते हैं या नहीं। शिक्षा विभाग ने संकेत दे दिए हैं कि नियम तोड़ने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।