राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी सौगात: जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण को 568 लाख की मंजूरी।

 

 


All India tv news। उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्राथमिक शिक्षा विभाग के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुके एक दर्जन से अधिक स्कूलों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए सरकार ने 568.85 लाख रुपए के बजट को हरी झंडी दे दी है।

जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य :-

शासन की ओर से बजट जारी होने के साथ ही कार्यदायी संस्था को भी नामित कर दिया गया है। जल्द ही शासन स्तर से औपचारिक आदेश जारी होते ही स्कूलों में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

इन जिलों के स्कूलों की बदलेगी सूरत :-

सरकार की इस योजना के तहत रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून और चमोली जिलों के कुल 16 राजकीय स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा।

जिलेवार बजट का विवरण:-

रुद्रप्रयाग: जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसोली और सल्या के पुनर्निर्माण के लिए 32-32 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पौड़ीखाल के लिए 40.30 लाख रुपए की मंजूरी मिली है।

पिथौरागढ़: राजकीय प्राथमिक विद्यालय लास्पासांई के लिए 39 लाख रुपए, गैला में क्लास रूम और प्रधानाध्यापक कक्ष निर्माण हेतु 20.47 लाख और मल्ला वल्थी के लिए 20.30 लाख रुपए आवंटित हुए हैं।

टिहरी: जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन के लिए 34.86 लाख, सौन्दकोटी मल्ली के लिए 37.36 लाख, मंजूरीडागर के लिए 39.94 लाख और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा के लिए 29.59 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

इस कदम से पहाड़ी क्षेत्रों के दूरस्थ स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अब सुरक्षित और आधुनिक बुनियादी ढांचा मिल सकेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।