All India tv news। जहाँ एक ओर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर शिवालयों में उमड़ रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने हर किसी की आँखों को नम कर दिया है। यहाँ एक 9 साल की नन्हीं बच्ची ने अपने कंधों पर कांवड़ उठाई है, लेकिन उसकी मुराद खिलौने या धन-दौलत नहीं, बल्कि अपने पिता के लिए 'नशामुक्ति' की भीख है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अलीगढ़ के गंभीरपुरा मोहल्ले की रहने वाली 9 वर्षीय मासूम वणिका (जो वर्तमान में दिल्ली से अपने ननिहाल आई है) की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वणिका शनिवार को अपनी मौसी के साथ कांवड़ लेकर खेरेश्वर महादेव मंदिर पहुँची।
जब इस नन्हीं कांवड़िये से उसकी मन्नत के बारे में पूछा गया, तो उसकी मासूमियत और दर्द ने सबको झकझोर दिया। वणिका ने भरे गले से भगवान शिव से प्रार्थना की— "भोलेनाथ, मेरे पापा बहुत शराब पीते हैं, उनकी दारू छुड़वा दो"।
मुख्य बिंदु :-
पारिवारिक तनाव:- वणिका ने बताया कि पिता की शराब की लत के कारण घर में आए दिन झगड़े और तनाव रहता है, जिससे वह और उसका परिवार बेहद परेशान है।
भक्ति और विश्वास:- मासूम ने संकल्प लिया है कि यदि उसके पिता शराब छोड़ देते हैं, तो वह रोज़ाना मंदिर आकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेगी।
भावुक माहौल:- मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु और पुजारी भी बच्ची की इस अनूठी और निस्वार्थ प्रार्थना को सुनकर अपने आंसू नहीं रोक पाए।
"खेलने-कूदने की उम्र में वणिका के कंधों पर घर की शांति की ज़िम्मेदारी है। यह घटना न केवल एक बच्ची की अटूट श्रद्धा को दर्शाती है, बल्कि समाज के उस कड़वे सच को भी उजागर करती है जहाँ नशे की लत मासूमों का बचपन छीन लेती है। पुजारी और स्थानीय लोगों ने बच्ची को आशीर्वाद दिया है और अब पूरा मोहल्ला वणिका के पिता के बदलने की दुआ कर रहा है।"।

