All India tv news। "देशभर में सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली परीक्षाओं की सुचिता पर एक बार फिर बड़ा प्रहार हुआ है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एसटीएफ ने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है जिसे सुनकर सुरक्षा एजेंसियां भी दंग हैं। एसएससी एमटीएस (SSC MTS) की ऑनलाइन परीक्षा में हाईटेक नकल कराने के लिए परीक्षा केंद्र के नीचे बाकायदा एक अंडरग्राउंड सर्वर रूम तैयार किया गया था।"
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह पूरा खेल एक गुप्त तहखाने से चल रहा था, जहाँ से नकल माफिया करीब 100 कंप्यूटरों की स्क्रीन को कंट्रोल कर रहे थे। ₹10 लाख लेकर पेपर हल करने का यह 'डिजिटल ठेका' उत्तराखंड और यूपी एसटीएफ की सतर्कता से फेल हो गया। फिलहाल दो शातिर गुर्गे सलाखों के पीछे हैं, लेकिन जांच का दायरा अब उस निजी कंपनी तक भी पहुंच रहा है जो यह ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करा रही थी।"
मुख्य बिंदु :-
अंडरग्राउंड सर्वर का भंडाफोड़:- उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक संयुक्त कार्रवाई में देहरादून के एक परीक्षा केंद्र (महादेव डिजिटल जोन, MKP कॉलेज के पास) में चल रहे हाईटेक नकल रैकेट का पर्दाफाश किया है.
गुप्त तहखाना और प्रॉक्सी सर्वर:- माफियाओं ने परीक्षा केंद्र के भीतर एक गुप्त तहखाना बना रखा था, जहाँ से एक प्रॉक्सी सर्वर और मास्टर कंप्यूटर के जरिए परीक्षा प्रणालियों को हैक किया गया था.
100 कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस:- इस सेटअप के माध्यम से परीक्षा केंद्र के लगभग 100 कंप्यूटरों के IP एड्रेस को एक्सेस कर उन्हें रिमोट कंट्रोल पर ले लिया गया था, ताकि बाहर से पेपर हल किया जा सके.
लाखों की वसूली:- आरोपियों ने प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के बदले में ₹10 लाख तक की मोटी रकम वसूलने का सौदा किया था.
गिरफ्तारियां और बरामदगी:- STF ने मामले में दो मुख्य आरोपियों, नीतीश कुमार (निवासी दिल्ली/देवरिया) और भास्कर नैथानी (निवासी देहरादून) को गिरफ्तार किया है। मौके से लैपटॉप, इंटरनेट राउटर और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
एजेंसी की सुरक्षा पर सवाल:- इस घटना ने ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी (Eduquity) के सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि परीक्षा सर्वर में सीधे तौर पर सेंधमारी की गई थी।

