राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

उत्तराखंड में गेमिंग के 'खतरनाक जाल' पर प्रशासन की स्ट्राइक: डीएम सविन बंसल ने जारी की सख्त एडवाइजरी।

 

 


All India tv news। उत्तराखंड में बच्चों और युवाओं के बीच बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत अब एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। हाल ही में गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों द्वारा ऑनलाइन गेमिंग के चलते उठाए गए आत्मघाती कदम के बाद, देहरादून जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। डीएम सविन बंसल ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जिले के सभी स्कूलों और अभिभावकों के लिए विशेष निगरानी निर्देश जारी किए हैं।

देहरादून में ऑनलाइन गेमिंग की वजह से बच्चों के बदलते व्यवहार को लेकर प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। डीएम सविन बंसल ने शुक्रवार को आदेश जारी कर स्कूलों को बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर पैनी नज़र रखने का निर्देश दिया है।

प्रशासन के मुख्य निर्देश और एडवाइजरी:-

डिजिटल व्यवहार की निगरानी:- स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी गेमिंग आदतों की नियमित जांच करें।

अभिभावकों के लिए गाइडलाइंस:- माता-पिता को सलाह दी गई है कि वे बच्चों के फोन और इंटरनेट उपयोग पर नज़र रखें। बिना अनुमति के इन-गेम खरीदारी को पूरी तरह प्रतिबंधित करने को कहा गया है।

हिंसक खेलों से दूरी:- बच्चों को मारपीट और हिंसा वाले गेम्स से दूर रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये उनके मानसिक संतुलन और स्वभाव को आक्रामक बना रहे हैं।

परामर्श और सहायता:- अगर किसी बच्चे में चिड़चिड़ापन या एकांतप्रियता जैसे लक्षण दिखें, तो तत्काल विशेषज्ञ की सलाह लेने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि बच्चे देर रात तक गेम खेलते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और व्यवहार प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार ने भी ऑनलाइन गेमिंग के खतरों को देखते हुए ऑनलाइन गेमिंग (प्रचार और विनियमन) अधिनियम, 2025 के तहत नियमों को और सख्त कर दिया है।

प्रशासन की इस सख्ती का उद्देश्य देवभूमि के बच्चों को इस अदृश्य खतरे से बचाना है। यदि आप भी अपने बच्चे के व्यवहार में बदलाव देख रहे हैं, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।