All India tv news। अक्सर कहा जाता है कि कानून सबके लिए बराबर है, लेकिन जब बात खुद पर आती है, तो बड़े-बड़े अधिकारी भी नियमों को ताक पर रख देते हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश की एक महिला अधिकारी ने इस कहावत को हकीकत में बदलकर एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है।
हम बात कर रहे हैं सिरमौर की क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) सोना चंदेल की। सोना चंदेल ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसे देखकर नियम तोड़ने वाले अब सौ बार सोचेंगे।
सिरमौर में तैनात आरटीओ सोना चंदेल नियमित चेकिंग पर थीं। इस दौरान जब उन्होंने खुद के विभाग की सरकारी गाड़ी के दस्तावेजों की जांच की, तो पता चला कि गाड़ी का प्रदूषण प्रमाण पत्र वैध नहीं था। बिना किसी हिचकिचाहट के, उन्होंने तुरंत अपनी ही सरकारी गाड़ी का चालान काट दिया। उन्होंने साफ संदेश दिया कि अगर सरकारी वाहन नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम जनता से इसकी उम्मीद कैसे की जा सकती है?
पति की स्कूटी का भी काट चुकी हैं चालान:-
यह पहली बार नहीं है जब सोना चंदेल ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा दिखाई हो। इससे पहले, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की चेकिंग के दौरान उन्होंने अपने ही पति की स्कूटी को नियमों का उल्लंघन करते पाया था। उस वक्त भी उन्होंने बिना किसी पक्षपात के अपनी पारिवारिक जिम्मेदारी से ऊपर ड्यूटी को रखा और स्कूटी का चालान काटा। खास बात यह रही कि उन्होंने जुर्माने की राशि भी खुद अपनी जेब से भरी।
सोशल मीडिया पर तारीफों का सैलाब:-
सोना चंदेल के इस साहसी कदम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं कि अगर देश का हर अधिकारी इसी तरह निष्पक्ष होकर काम करे, तो यातायात नियमों का उल्लंघन पूरी तरह बंद हो सकता है।
सोना चंदेल ने साबित कर दिया है कि 'वर्दी' और 'कर्तव्य' के सामने न कोई अपना होता है और न ही कोई पराया। उनकी यह ईमानदारी आज प्रशासनिक गलियारों में एक मिसाल बन गई है।"

