All India tv news। रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको हैरत में डाल दिया है। जिस स्कूल को हम 'ज्ञान का मंदिर' कहते हैं और जो सरकारी तंत्र का हिस्सा है, उसे अब अपनी ही नगर पालिका को 'हाउस टैक्स' देना होगा।
जी हां, मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद रुद्रप्रयाग ने शहर के प्रतिष्ठित राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) रुद्रप्रयाग को हाउस टैक्स भरने का नोटिस जारी कर दिया है। इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग से लेकर आम जनता के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है।
मुख्य बिंदु :-
किसे मिला नोटिस:- रुद्रप्रयाग शहर के मुख्य राजकीय इंटर कॉलेज को।
क्या है मामला:- नगर पालिका प्रशासन ने संपत्तियों के सर्वे के बाद सरकारी स्कूलों को भी टैक्स के दायरे में शामिल किया है।
जनता की राय:- स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी शिक्षण संस्थानों पर टैक्स का बोझ डाला जा रहा है।
आमतौर पर सरकारी शिक्षण संस्थान और धर्मार्थ संपत्तियां नगर निकाय के करों से मुक्त होती हैं या उन्हें विशेष छूट दी जाती है। लेकिन रुद्रप्रयाग नगर पालिका ने अपनी आय बढ़ाने के चक्कर में अब सरकारी स्कूलों को भी नहीं बख्शा है। इस नोटिस के बाद स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग असमंजस में है कि आखिर एक सरकारी विभाग दूसरे सरकारी विभाग को टैक्स कैसे देगा।


