All India tv news। देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने प्रदेश के नागरिकों को सरकारी योजनाओं का सीधा और त्वरित लाभ पहुँचाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उत्तराखंड विधानसभा में 'उत्तराखंड परिवार पहचान पत्र विधेयक-2026' पेश किया गया है, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट 'देवभूमि परिवार आईडी' प्रदान की जाएगी।
क्या है देवभूमि परिवार आईडी?
यह आधार कार्ड की तरह ही एक विशिष्ट पहचान संख्या होगी, लेकिन यह व्यक्तिगत न होकर पूरे परिवार के लिए होगी। इस आईडी के माध्यम से परिवार के सभी सदस्यों का विवरण एक ही जगह उपलब्ध होगा, जिससे बार-बार अलग-अलग प्रमाण पत्र (जैसे आय, जाति या निवास) देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मुख्य उद्देश्य और लाभ:-
पारदर्शिता:- सरकारी योजनाओं के चयन में धांधली और डुप्लीकेसी रुकेगी।
योजनाओं की सीधी पहुँच:- पात्र परिवारों को राशन, पेंशन, और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिलेगा।
पेपरलेस गवर्नेंस:- नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
एकीकृत जानकारी:- राज्य के पास हर परिवार का सटीक डेटा होगा, जिससे नई कल्याणकारी योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
कैसे काम करेगी यह आईडी?
विधेयक के अनुसार, राज्य सरकार एक डिजिटल डेटाबेस तैयार करेगी। इस आईडी में परिवार के मुखिया से लेकर सभी सदस्यों की जानकारी दर्ज होगी। यदि परिवार में कोई नया सदस्य जुड़ता है (जन्म या विवाह) या किसी की मृत्यु होती है, तो उसे इस आईडी में अपडेट करना अनिवार्य होगा।
विधानसभा में इस विधेयक के पास होने के बाद, उत्तराखंड उन चुनिंदा राज्यों (जैसे हरियाणा और उत्तर प्रदेश) की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जहाँ परिवार पहचान पत्र की व्यवस्था लागू है।

