All India tv news। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत राज्य सरकार ने स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा की है। अब राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में समान अवकाश कैलेंडर लागू किया जाएगा। इस नए फैसले का सबसे बड़ा असर गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों पर पड़ा है, जहाँ भौगोलिक आधार पर मिलने वाली अलग-अलग छुट्टियों के अंतर को अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
खबर के मुख्य बिंदु:-
16-16 दिन की छुट्टियाँ:- अब राज्य के सभी इलाकों के स्कूलों में गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियाँ बराबर यानी 16-16 दिन (कुल 32 दिन) की होंगी।
अनिवार्य पढ़ाई के दिन:- इस कटौती का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों के लिए साल में कम से कम 200 दिन की अनिवार्य पढ़ाई सुनिश्चित करना है।
समानता का नियम:- पहले पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के बीच मौसम के आधार पर छुट्टियों में बड़ा अंतर होता था, जिसे अब 'समानता' के नियम के तहत खत्म कर दिया गया है।
शिक्षकों के लिए बदलाव:- छुट्टियों में हुई इस कमी की भरपाई के लिए शिक्षकों को अतिरिक्त अर्जित अवकाश (EL) देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से शैक्षणिक सत्र को अधिक व्यवस्थित बनाने और छात्रों के लर्निंग आउटकम (सीखने के परिणामों) में सुधार लाने में मदद मिलेगी। हालांकि, कुछ शिक्षक संगठनों और अभिभावकों की ओर से इस कटौती पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

