All India tv news। उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था अब एक नए और आधुनिक अवतार में नज़र आने वाली है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बेहद शानदार पहल 'स्विफ्ट स्कूल' (SWIFT Schools) की शुरुआत की है।
इस योजना के तहत प्रदेश के 50 स्कूलों को 'एकीकृत मॉडल' के आधार पर हाईटेक बनाया जा रहा है। शुरुआत में पौड़ी और चंपावत के 19-19 स्कूल, और देहरादून व हरिद्वार के 6-6 स्कूलों को इस डिजिटल बदलाव के लिए चुना गया है।
क्या खास होगा इन स्कूलों में?
इन स्कूलों में अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। यहाँ स्मार्ट क्लासेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए बच्चों को भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि डेटा और आधुनिक तकनीक के जरिए हर बच्चे की सीखने की क्षमता पर पैनी नज़र रखी जाएगी। इसे 'पर्सनल लर्निंग' का नाम दिया गया है, जिसका मतलब है कि हर बच्चे को उसकी ज़रूरत और गति के हिसाब से शिक्षा मिलेगी।
दिग्गज कंपनियों का साथ:-
इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए कॉन्वजीनियस फाउंडेशन और अमेजन वेब सर्विस (AWS) ने हाथ मिलाया है। ये संस्थाएं स्कूलों को 1000 लैपटॉप उपलब्ध करा रही हैं, जो डिजिटल शिक्षा की नींव को मजबूत करेंगे।
इतना ही नहीं, हमारे शिक्षकों को भी डेटा-आधारित टूल्स से लैस किया जाएगा, ताकि वे बच्चों की कमियों को पहचान कर उन्हें और बेहतर तरीके से गाइड कर सकें। उत्तराखंड सरकार की इस पहल से अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक शिक्षा का लाभ उठा सकेंगे।"

