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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

उत्तराखंड में बड़ा राजनीतिक फेरबदल: सुबोध उनियाल बने नए स्वास्थ्य मंत्री, क्या अब पटरी पर लौटेगी प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था?

 



All India tv news। देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने अपनी कैबिनेट के विस्तार के ठीक दो दिन बाद रविवार, 22 मार्च 2026 को मंत्रियों के पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल किया है। इस बदलाव में सबसे चौंकाने वाला निर्णय स्वास्थ्य विभाग को लेकर लिया गया है।

विभागों में बदलाव:- कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग वापस ले लिया गया है। अब राज्य के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की कमान कद्दावर नेता सुबोध उनियाल को सौंपी गई है।

सुबोध उनियाल की नई जिम्मेदारियां:- उनियाल के पास अब वन, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य के साथ-साथ स्वास्थ्य जैसा महत्वपूर्ण विभाग भी रहेगा। जिम्मेदारी मिलने के बाद सुबोध उनियाल ने कहा कि वे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने का प्रयास करेंगे।

धन सिंह रावत का नया पोर्टफोलियो:- स्वास्थ्य विभाग हटने के बाद अब धन सिंह रावत विद्यालयी शिक्षा (बेसिक व माध्यमिक), संस्कृत शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।

जनता के बीच चर्चा और चुनौतियां:-

स्वास्थ्य विभाग में हुए इस बड़े बदलाव को लेकर गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। जनता के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या नए मंत्री के आने से राज्य के अस्पतालों की तस्वीर बदलेगी?

पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी:- क्या सुबोध उनियाल दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में डॉक्टरों की कमी को दूर कर पाएंगे?

मरीजों की बदहाली:- क्या अब मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा?

व्यवस्था में सुधार:- अक्सर यह आरोप लगते रहे हैं कि सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में नए मंत्री के सामने इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

सुबोध उनियाल को एक अनुभवी और सख्त प्रशासक माना जाता है। अब देखना यह होगा कि उनका अनुभव उत्तराखंड की चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं में कितनी जान फूंक पाता है और क्या "मरीजों को ढूंढने वाले डॉक्टरों" के बजाय डॉक्टर मरीजों के पास समय पर उपलब्ध हो पाएंगे।

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