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राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

"ऋषिकेश: उद्घाटन से पहले ही बजरंग सेतु का कांच हुआ चकनाचूर, करोड़ों के प्रोजेक्ट की सेफ्टी पर उठे सवाल!"


 


All India tv news। ऋषिकेश से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। गंगा की लहरों पर बना देश का पहला अत्याधुनिक ग्लास ब्रिज यानी 'बजरंग सेतु' उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गया है। करोड़ों की लागत से बन रहे इस पुल का कांच एक बार फिर टूट गया है। हैरानी की बात यह है कि बिना औपचारिक उद्घाटन के ही यहां भारी भीड़ जुट रही थी, जिसे रोकने में प्रशासन नाकाम रहा। क्या यह निर्माण की घटिया गुणवत्ता है या कोई और वजह? देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।"

पुल की मुख्य विशेषताएं:-

कुल लागत: लगभग ₹69.20 करोड़।

लंबाई और चौड़ाई: 132.30 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा।

कांच का फुटपाथ: दोनों ओर 1.5 मीटर का फुटपाथ, जिसमें 65-66 मिमी मोटा ग्लास लगा है।

महत्व: यह पुल पुराने ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में बनाया जा रहा है।

  • घटना का विवरण:- ऋषिकेश के निर्माणाधीन बजरंग सेतु के फुटपाथ पर लगा 65 मिमी मोटा पारदर्शी कांच एक बार फिर से टूट गया है। कांच में कई जगह गहरी दरारें देखी गई हैं, जिसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से पुल के दोनों किनारों पर पैदल यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है।
  • पहले भी हो चुकी है घटना:- यह कांच टूटने की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी पुल के कांच वाले हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिन्हें निर्माण कंपनी ने बदला था। हालिया घटना में कुछ रिपोर्ट्स असामाजिक तत्वों द्वारा कांच पर पत्थर फेंकने की आशंका भी जता रही हैं।
  • गुणवत्ता पर सवाल:- स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने लगभग ₹69.20 करोड़ की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि उद्घाटन से पहले ही अगर कांच बार-बार टूट रहा है, तो भविष्य में यह कितना सुरक्षित होगा।
  • प्रशासन की लापरवाही:- हालांकि पुल अभी आधिकारिक तौर पर जनता के लिए नहीं खोला गया है, लेकिन विभाग की अनदेखी के चलते पिछले दो महीनों से स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही यहां लगातार जारी थी। फिलहाल लोक निर्माण विभाग (PWD) ने पुलिस को मामले की सूचना दी है और जांच की जा रही है।

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