All India tv news। इस समय की सबसे बड़ी और गौरवान्वित करने वाली ख़बर खेल जगत से आ रही है। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की 'वेटलिफ्टिंग क्वीन' मीराबाई चानू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। मीराबाई चानू ने महिलाओं की 48 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में पहला स्वर्ण पदक (Gold Medal) डाल दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही चानू ने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की अपनी शानदार 'गोल्डन हैट्रिक' पूरी कर ली है।
ग्लासगो के खेल मंच पर भारतीय तिरंगा एक बार फिर सबसे ऊपर लहराया है। 31 वर्षीय स्टार एथलीट मीराबाई चानू ने प्रतियोगिता के तीसरे दिन भारत के लिए स्वर्णिम शुरुआत की। मुकाबले में चानू ने कुल 190 किलोग्राम का भारी-भरकम वजन उठाकर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया।
शुरुआती दौर में आंशिक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, चानू ने अपने अद्वितीय संयम और अनुभव का परिचय दिया। उन्होंने स्नैच राउंड में खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए 85 किलोग्राम का सफल लिफ्ट दर्ज किया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी जीत और गोल्ड मेडल दोनों पक्के कर लिए। विरोधी खिलाड़ी उनके इस प्रदर्शन के आस-पास भी नहीं टिक सके।
राष्ट्र के गौरव और युवाओं के लिए प्रेरणा:-
मीराबाई चानू की यह ऐतिहासिक सफलता करोड़ों भारतीयों के सपनों, आत्मविश्वास और राष्ट्रगौरव की बड़ी विजय है। चोटों से उबरकर वैश्विक स्तर पर इस निरंतरता के साथ प्रदर्शन करना उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनकी यह स्वर्णिम उपलब्धि देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का एक अमिट स्रोत बनकर उभरी है।
इस बड़ी कामयाबी के बाद देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और खेल मंत्री समेत देश की तमाम बड़ी हस्तियों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं भेजी हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि मीराबाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब इरादे मजबूत हों, तो देश का नाम दुनिया भर में रोशन होने से कोई नहीं रोक सकता।
भारोत्तोलन में अन्य सफलताएं:-
आपको बता दें कि इस खास दिन भारतीय भारोत्तोलकों का दबदबा देखने को मिला। जहाँ एक तरफ मीराबाई चानू ने गोल्ड जीता, वहीं पुरुष वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी ताकत दिखाई। 60 किलोग्राम स्पर्धा में ऋषिकांत सिंह और 65 किलोग्राम स्पर्धा में राजा मुथुपंदी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत पदक (Silver Medals) अपने नाम किए। इन सफलताओं के साथ पदक तालिका में भारत की स्थिति और मजबूत हो गई है।

