All India tv news। खेल जगत से इस वक्त भारत और विशेषकर उत्तराखंड के लिए एक बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की रहने वाली मंजू नयाल ने इतिहास रचते हुए देश की पहली 3-स्टार अंतरराष्ट्रीय महिला कुराश रेफरी बनने का गौरव हासिल किया है। एक छोटे से गांव से शुरुआती पढ़ाई करने वाली मंजू ने साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी वैश्विक आसमान को छुआ जा सकता है।"
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की मूल निवासी मंजू नयाल ने कुराश खेल में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जो आज तक देश की कोई अन्य महिला हासिल नहीं कर सकी। मंजू नयाल भारत की पहली थ्री-स्टार अंतरराष्ट्रीय कुराश रेफरी बन गई हैं। उन्होंने उज़्बेकिस्तान में आयोजित बेहद कठिन अंतरराष्ट्रीय रेफरी परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है। इस वैश्विक परीक्षा में दुनिया भर के रेफरियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें मंजू ने नियमों की गहरी समझ और बेहतरीन निर्णय क्षमता के दम पर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की।
गांव से शुरुआत और 22 वर्षों का कड़ा :-
मंजू नयाल की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। उनकी शुरुआती शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल से हुई थी। खेल के प्रति अपने जुनून को जिंदा रखते हुए उन्होंने एम.पी.एड. (M.P.Ed.), बी.पी.एड. (B.P.Ed.) और योग शिक्षा में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा की डिग्रियां हासिल कीं। वह पिछले 22 वर्षों से कुराश और खेल शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। वर्तमान में वह गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के वैशाली में रहती हैं और वहां के प्रतिष्ठित 'गुरुकुल द स्कूल' में शारीरिक शिक्षा विभाग की कोआर्डिनेटर के पद पर कार्यरत हैं।
मंजू नयाल का शानदार सफरनामा :-
मंजू का अंतरराष्ट्रीय करियर सफलताओं और कीर्तिमानों से भरा हुआ है:
- 2023: 1-स्टार इंटरनेशनल रेफरी की योग्यता और बी-लाइसेंस कोच बनीं।
- 2025: अपनी प्रतिभा के दम पर 2-स्टार इंटरनेशनल रेफरी का दर्जा हासिल किया।
- 2026: उज़्बेकिस्तान में परीक्षा पास कर 3-स्टार इंटरनेशनल रेफरी बनकर इतिहास रचा।
- अंतरराष्ट्रीय अनुभव: वह कजाकिस्तान में आयोजित 'नोमैड गेम्स', रूस में 'चिल्ड्रेंस ऑफ एशिया गेम्स', बहरीन में 'एशियन यूथ गेम्स' और जापान ओपन कुराश चैंपियनशिप जैसी वैश्विक प्रतियोगिताओं में भी भारत की तरफ से रेफरी की कमान संभाल चुकी हैं।
अब लक्ष्य: एशियन गेम्स में प्रतिनिधित्व :-
अपनी इस शानदार कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए मंजू नयाल ने बताया कि उनका अगला और मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स में रेफरी के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना है। गौरतलब है कि अभी तक भारत से किसी भी महिला को एशियन गेम्स में कुराश खेल के लिए रेफरी बनने का मौका नहीं मिला है। मंजू ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग और इंटरनेशनल कुराश एसोसिएशन के टेक्निकल डायरेक्टर रवि कपूर के कुशल मार्गदर्शन को दिया है।
मंजू नयाल की यह स्वर्णिम उपलब्धि देश की उन करोड़ों बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहती हैं।

