All India tv news।आज जयपुर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने कलयुगी रिश्तों को तार-तार कर दिया है। एक बेटी, जिसे माँ ने पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी बेटी ने सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी की हवस में अंधा होकर अपनी जन्मदात्री की सुपारी दे डाली।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार ये मामला जयपुर के प्रताप नगर इलाके का है। शुरुआत में जिसे महज़ एक सड़क हादसा समझा जा रहा था, पुलिस की जांच में जब उसका सच सामने आया तो हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक गई। 23 साल की आरोपी बेटी आयुषी ने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर अपनी माँ की हत्या का घिनौना प्लान तैयार किया। मकसद सिर्फ एक था— माँ की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर LDC (लोअर डिवीजन क्लर्क) की सरकारी नौकरी पाना और करोड़ों की प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा करना।
जयपुर पुलिस के मुताबिक, 3 जुलाई की शाम को नीरज देवी अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं। तभी करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही एक बेकाबू स्कोर्पियो गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि नीरज देवी की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने जब एक्सीडेंट की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो इस खूनी खेल का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतका की सगी बेटी आयुषी निकली। आयुषी को पता था कि माँ की मौत के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति के तहत सरकारी नौकरी मिल जाएगी। इसी लालच में उसने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर 7 लाख रुपये की भारी-भरकम सुपारी दी। हत्या को एक्सीडेंट की शक्ल देने के लिए भाड़े के हत्यारों (सुपारी किलर्स) का इस्तेमाल किया गया।"
जयपुर की प्रताप नगर थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी बेटी आयुषी, उसके ताऊ, चचेरे भाई और वारदात में शामिल सुपारी किलर्स समेत कुल 7 लोगों को दबोच लिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। कलयुग की इस कातिल बेटी ने चंद रुपयों और एक अदद नौकरी के लिए उस ममता का गला घोंट दिया, जिसने उसे इस दुनिया में लाया था।

