All India tv news। उत्तराखंड के जनपद अल्मोड़ा और बागेश्वर से इस वक्त की एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। समाज को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ी को सही दिशा दिखाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने एक विशेष जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। पुलिस की टीमों ने सीधे स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर आम जनता और मासूम बच्चों से संवाद स्थापित किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को नशे के चंगुल, साइबर अपराध, और यातायात नियमों के प्रति सतर्क करना है।
एक नशामुक्त समाज और सुरक्षित भविष्य की नींव रखने के लिए अल्मोड़ा और बागेश्वर पुलिस इन दिनों एक्शन मोड में है। पुलिस का मानना है कि अपराध और नशे के खिलाफ जागरूकता ही सबसे मजबूत कदम है। इसी सोच के साथ महिला कोतवाली और स्थानीय पुलिस टीमों ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों का रुख किया।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्कूली बच्चों और आम लोगों के साथ बेहद दोस्ताना माहौल में बातचीत की। बच्चों के मन से पुलिस का डर पूरी तरह से निकालने के लिए उन्हें प्रेरित किया गया कि वे पुलिस को अपना सच्चा मित्र समझें और बिना किसी हिचकिचाहट या झिझक के अपनी हर समस्या साझा करें।
इस पाठशाला में बच्चों को वर्तमान समय के सबसे बड़े खतरों से रूबरू कराया गया:
- बाल सुरक्षा : बच्चों को गुड टच-बैड टच और उनके अधिकारों के बारे में समझाया गया।
- नशे के दुष्प्रभाव : युवाओं को ड्रग्स के जाल से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
- साइबर अपराध : डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड और अनजान लिंक से बचने के तरीके बताए गए, साथ ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी गई।
- यातायात नियम : सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बच्चों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस की इस अनूठी पहल की स्थानीय जनता और स्कूल प्रशासन जमकर सराहना कर रहे हैं। पुलिस का यह दोस्ताना रवैया निश्चित रूप से बच्चों को सुरक्षित महसूस कराने और अपराधियों के हौसले पस्त करने में मील का पत्थर साबित होगा।

