All India tv news। दिल्ली-NCR में पैर पसारते खतरनाक वायु प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत दिल्ली में BS-IV (BS-4) श्रेणी की डीजल बसों के
प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इस फैसले का सबसे बड़ा और सीधा असर उत्तराखंड से दिल्ली आने-जाने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ा है। पाबंदी के पहले ही दिन उत्तराखंड रोडवेज की करीब 40 बसों का चक्का पूरी तरह जाम हो गया, जिससे बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
लेकिन, इस संकट के बीच उत्तराखंड परिवहन निगम ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। यात्रियों को इस परेशानी से उबारने के लिए विभाग ने एक नया मास्टर प्लान लागू किया है, जिसके तहत दिल्ली रूट पर BS-VI (BS-6) और CNG बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं।
दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए 1 नवंबर से गैर-BS-VI बसों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इस नई व्यवस्था के लागू होते ही दिल्ली बॉर्डर पर चेकिंग सख्त कर दी गई है। उत्तराखंड परिवहन निगम की जो बसें डीजल चालित और BS-IV मानक की थीं, उन्हें दिल्ली सीमा में घुसने की अनुमति नहीं मिली।
हालांकि, यात्रियों की मुसीबत को देखते हुए उत्तराखंड परिवहन विभाग ने अपनी रणनीति बदल ली है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली जाने वाले यात्रियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। बेड़े में मौजूद पर्यावरण अनुकूल BS-VI और सीएनजी बसों को अतिरिक्त ट्रिप पर लगाया जा रहा है ताकि दिल्ली रूट पर सफर करने वाले लोगों को सुलभ और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलती रहे।
