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उत्तराखंड के पारंपरिक शिल्प और हथकरघा उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। डॉ. लक्ष्मण सिंह कड़ाकोटी ने उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद यानी UHHDC में माननीय सदस्य के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। इस नई जिम्मेदारी के साथ ही उन्होंने राज्य के स्थानीय शिल्पकारों और बुनकरों की किस्मत बदलने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा संकल्प लिया है।
• पदभार ग्रहण की रस्म: राजधानी देहरादून में आयोजित एक सादे और गरिमापूर्ण कार्यक्रम के दौरान, परिषद के प्रभारी सीईओ डॉ. एम.एस. सजवाण ने डॉ. लक्ष्मण सिंह कड़ाकोटी को विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कराया। डॉ. सजवाण ने उन्हें इस नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
• अधिकारियों की मौजूदगी: इस खास मौके पर उद्योग और हथकरघा विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने नए सदस्य का गर्मजोशी से स्वागत किया।
• डॉ. कड़ाकोटी की प्राथमिकताएं: पदभार संभालने के तुरंत बाद डॉ. लक्ष्मण सिंह कड़ाकोटी ने अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता राज्य के दुर्गम इलाकों में रहने वाले स्थानीय शिल्पकारों और बुनकरों को सशक्त बनाना है।
• उद्योग को मिलेगा बढ़ावा: उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड के हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। वे सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारकर इस पारंपरिक उद्योग को एक नया और बड़ा बाजार दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।
निश्चित रूप से डॉ. कड़ाकोटी के इस परिषद में आने से उत्तराखंड के स्थानीय हुनर को ग्लोबल पहचान मिलने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में उनके इस संकल्प से हमारे पहाड़ी शिल्पकारों के जीवन में कितना बड़ा बदलाव आता है।


