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उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था : राष्ट्रपति दौरे से पहले उजागर हुई कमियाँ।

 


All India tv news। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की खामियां उस समय उजागर हुईं जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संभावित नैनीताल दौरे की तैयारियां चल रही थीं। कुमाऊं के छह जिलों में एक भी सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में कार्डियक सर्जन नहीं है, जिससे विभाग को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ा।

निजी अस्पतालों का सहारा :-

विभाग ने हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल से एक कार्डियक सर्जन और दो एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की व्यवस्था की है। यह व्यवस्था राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान सुरक्षा और आपात स्वास्थ्य सेवाओं के लिए की गई है।

पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत :-

अब सवाल उठता है कि जब VVIP दौरे के समय ऐसी स्थिति है, तो पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत कैसी होगी। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के लिए यह एक बड़ी चुनौती है, खासकर जब पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत अच्छी नहीं है।

राष्ट्रपति मुर्मु का उत्तराखंड दौरा :-

गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जल्द ही उत्तराखंड दौरे पर आ सकती हैं। उनके दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं। राष्ट्रपति मुर्मु का यह दौरा उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

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