All India tv news। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक अविश्वसनीय और वैज्ञानिक रूप से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने चिकित्सा जगत में हलचल मचा दी है। आमतौर पर यह माना जाता है कि दुनिया में किन्हीं भी दो व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट और रेटिना स्कैन एक जैसे नहीं हो सकते, यहां तक कि समान जुड़वा बच्चों के भी नहीं। लेकिन कानपुर में पैदा हुए दो जुड़वां भाइयों ने इस धारणा को चुनौती दी है।
शहर के एक स्थानीय अस्पताल में हाल ही में जन्मे इन जुड़वां बच्चों के माता-पिता ने जब सामान्य जांच और बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की, तो हैरान कर देने वाला तथ्य सामने आया। दोनों बच्चों के फिंगरप्रिंट्स (अंगुलियों के निशान) और रेटिना स्कैन पूरी तरह से मेल खाते थे।
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि के लिए कई बार जांच की। हर बार परिणाम समान ही रहे। चिकित्सकों और विशेषज्ञों की एक टीम ने इस दुर्लभ घटना की पुष्टि की है।
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, डीएनए भले ही समान हो, लेकिन फिंगरप्रिंट्स गर्भ में विकसित होने के दौरान एमनियोटिक फ्लूइड के दबाव और अन्य सूक्ष्म पर्यावरणीय कारकों के कारण अलग-अलग बनते हैं। यही कारण है कि समान जुड़वा बच्चों के भी अद्वितीय फिंगरप्रिंट्स होते हैं। यह घटना इस स्थापित वैज्ञानिक तथ्य के लिए एक बड़ा अपवाद साबित हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला जेनेटिक्स और भ्रूण विकास के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। इस दुर्लभ घटना के पीछे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच और शोध किए जा रहे हैं। फिलहाल, कानपुर के ये जुड़वां बच्चे शहर में चर्चा का विषय बने हुए हैं और इन्हें कुदरत का एक अनोखा करिश्मा माना जा रहा है।

