All India tv news। उत्तराखंड परिवहन विभाग ने राज्य में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने 19 जनवरी, 2026 से राज्य के सात प्रमुख टोल प्लाजा पर 'ई-डिटेक्शन प्रणाली' (E-Detection System) लागू कर दी है। इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से, बिना वैध दस्तावेज़ों वाले वाहनों की अब स्वतः ही पहचान की जाएगी और ई-चालान जनरेट होगा।
इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र या फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना चल रहे वाहनों पर प्रभावी ढंग से नकेल कसना है।
कैसे काम करेगी यह प्रणाली?
ई-डिटेक्शन प्रणाली अत्याधुनिक कैमरों का उपयोग करती है जो टोल प्लाजा से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन के नंबर प्लेट को कैप्चर करते हैं। इन नंबरों को सीधे केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के 'वाहन पोर्टल' से रियल टाइम (वास्तविक समय) में जोड़ा जाएगा। पोर्टल पर उपलब्ध डेटाबेस से वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेजों की वैधता की तुरंत जांच की जाएगी। यदि कोई वाहन बिना वैध कागजात के पाया जाता है, तो उल्लंघन के आधार पर तुरंत एक ई-चालान जारी कर दिया जाएगा।
इन सात टोल प्लाजा पर लागू हुई व्यवस्था:-
शुरुआती चरण में, यह प्रणाली राज्य के निम्नलिखित सात टोल प्लाजा पर सक्रिय कर दी गई है:
बहादराबाद टोल प्लाजा, हरिद्वार
भगवानपुर टोल प्लाजा, हरिद्वार
लच्छीवाला टोल प्लाजा, देहरादून
जगतापुर पट्टी टोल प्लाजा, ऊधमसिंह नगर
बनुर्षी टोल प्लाजा, ऊधम सिंह नगर
नगला टोल प्लाजा, ऊधम सिंह नगर
देवरिया टोल प्लाजा, ऊधम सिंह नगर
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल पारदर्शिता बढ़ाएगी और सड़कों पर अनधिकृत वाहनों की आवाजाही को कम करेगी। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपने सभी मोटर वाहन संबंधित दस्तावेज़ अपडेट रखें ताकि किसी भी अनावश्यक जुर्माने से बचा जा सके।

