All India tv news। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बेटियों ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। फ्रांस के बोर्दो (Bordeaux) शहर में आयोजित 'यूरोपियन गर्ल्स मैथमैटिकल ओलंपियाड' (EGMO) 2026 में भारतीय टीम ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। 67 देशों की कड़ी चुनौती के बीच भारत ने न केवल अपनी पहली गोल्ड मेडल जीत दर्ज की, बल्कि वैश्विक रैंकिंग में छठा स्थान हासिल कर दुनिया को चौंका दिया है।
मुंबई की श्रेया बनीं 'मैथ्स क्वीन' :-
इस ऐतिहासिक जीत की सूत्रधार रहीं मुंबई की श्रेया शांतनु मुंधाड़ा। श्रेया ने गणित की जटिल गुत्थियों को सुलझाते हुए न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि व्यक्तिगत स्कोर के मामले में विश्व स्तर पर संयुक्त तीसरा स्थान हासिल किया। यह EGMO के इतिहास में भारत का पहला गोल्ड मेडल है।
मेडल तालिका में भारत का दबदबा :-
भारतीय टीम ने प्रतियोगिता में पदकों की झड़ी लगा दी:-
गोल्ड मेडल:- श्रेया शांतनु मुंधाड़ा (मुंबई)
सिल्वर मेडल:- संजना चाको
ब्रॉन्ज मेडल:- शिवानी भारथ कुमार
साथ ही, कोलकाता की श्रीमयी बेरा के शानदार प्रदर्शन ने भारत को टॉप-10 देशों में बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
2015 से अब तक का सबसे बड़ा सफर :-
भारत साल 2015 से इस प्रतियोगिता में एक 'अतिथि देश' के रूप में भाग ले रहा है, लेकिन 2026 का यह साल भारतीय गणित इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। 260 मेधावी छात्रों के बीच छठा स्थान हासिल करना भारत के बढ़ते शैक्षिक कौशल को दर्शाता है।
ट्रेनिंग इकोसिस्टम की सफलता :-
इस बड़ी कामयाबी के पीछे होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBCSE) और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) जैसे संस्थानों की कड़ी मेहनत है। इन संस्थानों द्वारा आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविरों और मेंटरशिप प्रोग्राम ने इन छात्राओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया।
यह जीत न केवल इन बेटियों की सफलता है, बल्कि देश के उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो विज्ञान और गणित के क्षेत्र में वैश्विक ऊंचाइयों को छूने का सपना देखते हैं।

