All India tv news। आज हम आपको एक ऐसी खबर से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में "भिक्षुक मुक्त शहर" बनाने की पहल के तहत चलाए गए अभियान में एक ऐसे भिखारी को पकड़ा गया है, जिसकी गरीबी सिर्फ एक ढोंग थी। जांच में पता चला है कि इस भिखारी के पास करोड़ों की संपत्ति, आलीशान मकान, गाड़ियां और तो और एक ड्राइवर भी है।
इंदौर की सड़कों पर पटिए के सहारे भीख मांगने वाला यह शख्स, मांगीलाल, अपनी लाचारी दिखाकर लोगों से पैसे बटोरता था। लेकिन हकीकत चौंकाने वाली है। जब प्रशासन ने कार्रवाई की, तो मांगीलाल के पास से जो सच सामने आया, उसने सभी को दंग कर दिया।
मांगीलाल सिर्फ भीख नहीं मांगता था, बल्कि वह शहर के बड़े व्यापारियों को ब्याज पर मोटा कर्ज़ भी देता था। वह साप्ताहिक आधार पर सूदखोरी का धंधा चलाता था और इससे सालाना 10 से 15 लाख रुपए की कमाई करता था।
उसके साम्राज्य में भगत सिंह नगर में एक तीन मंजिला आलीशान मकान, शिवनगर में एक और बड़ा घर, दो ऑटो रिक्शा और एक निजी कार शामिल है। विडंबना देखिए, इतनी संपत्ति होने के बावजूद, वह रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा विकलांगों को दिए जाने वाले छोटे से मकान में रहता था।
उसके पास एक ड्राइवर है, जिसकी सैलरी 12 हज़ार रुपए महीना है। मांगीलाल और उसका पूरा परिवार मिलकर इस गोरखधंधे को चलाता था। वह मुख्य रूप से सराफा बाजार क्षेत्र को निशाना बनाता था, जहां विदेशी सैलानियों की अच्छी आवाजाही होती है।
प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि उसने यह संपत्ति कैसे जमा की और उसके सूदखोरी के नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

