All India tv news। उत्तराखंड के पर्वतीय ज़िलों में जंगलों में लगी भीषण आग ने वन्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई क्षेत्रों में आग अनियंत्रित होकर फैल रही है, जिससे बहुमूल्य वन संपदा और वन्यजीवों के आवास नष्ट हो रहे हैं। प्रशासन और वन विभाग आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्य विवरण:-
स्थिति की गंभीरता:- गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के विभिन्न ज़िलों, विशेषकर पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और नैनीताल के जंगलों में आग तेज़ी से फैल रही है।
वन्य जीवन पर प्रभाव:- आग के कारण कई वन्यजीवों की मौत हो चुकी है, जबकि कई जानवर भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले इलाकों की ओर भाग रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का ख़तरा बढ़ रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:- वन विभाग और ज़िला प्रशासन आग बुझाने के लिए टीमें तैनात कर रहा है। आग बुझाने के प्रयासों में स्थानीय लोगों की भी मदद ली जा रही है।
विशेषज्ञों की राय:-
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, चीड़ के जंगलों की बहुतायत और सूखी पत्तियों की वजह से आग तेज़ी से भड़कती है। विशेषज्ञों ने आग को नियंत्रित करने के लिए स्थायी समाधान और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
यह आग न केवल पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट कर रही है, बल्कि इससे निकलने वाला धुआं भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

