All India tv news। भारत की आगामी डिजिटल जनगणना-2027 को सुव्यवस्थित और सटीक तरीके से संपन्न करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में आज जिला कार्यालय में तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को इस पूरी प्रक्रिया की बारीकियों और नई डिजिटल तकनीकों से अवगत कराना है।
दो चरणों में होगी गणना :-
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आगामी जनगणना दो मुख्य चरणों में पूरी की जाएगी:
प्रथम चरण (2026):- इसमें मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा।
द्वितीय चरण (2027):- इस चरण में वास्तविक जनसंख्या गणना की जाएगी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के कुछ हिमपात वाले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का कार्य विषम परिस्थितियों के कारण सितंबर 2026 में ही पूरा कर लिया जाएगा।
तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर :-
कार्यशाला में देहरादून जनगणना निदेशालय से आए मुख्य प्रशिक्षक नितिश रावत और गौरव पुरोहित ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें डेटा संकलन के लिए आधुनिक मोबाइल एप्लीकेशन और जियो-टैगिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
किन्हें दिया जा रहा है प्रशिक्षण?
इस तीन दिवसीय सत्र में जनपद स्तरीय अधिकारी, चार्ज अधिकारी, चार्ज सहायक और अन्य संबंधित फील्ड कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इन्हें डेटा एंट्री, प्रपत्रों के संधारण और तकनीकी समस्याओं के समाधान का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रत्येक कार्मिक अपनी जिम्मेदारी को पारदर्शिता और शुद्धता के साथ निभा सके, ताकि देश के इस महाअभियान में सटीक आंकड़े प्राप्त हो सकें।

