राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

सल्ट के टोटाम में बाघ का खौफ, स्कूल बंद करने का बड़ा फैसला ।

 


All India tv news। बाघ की दहशत से थमी शिक्षा की रफ्तार: रा.प्रा.वि. टोटाम में बच्चों की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन पढ़ाई शुरू। 

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सल्ट ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय (रा.प्रा.वि.) टोटाम में पिछले कुछ दिनों से लगातार बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों और विद्यालय प्रशासन की नींद उड़ा दी है।


अभिभावकों ने लिया कड़ा फैसला
:-
आज, दिनांक 4 फरवरी 2026 को विद्यालय परिसर में ग्राम प्रधान श्री बालम सिंह जी की अध्यक्षता में एक अति आवश्यक बैठक बुलाई गई। बैठक में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष और भारी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। 31 जनवरी से स्कूल के आसपास लगातार बाघ देखे जाने के कारण अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित दिखे।


बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय:-
  1. अनिश्चितकालीन बंदी:- जब तक बाघ का खतरा टल नहीं जाता, तब तक अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल न भेजने का सामूहिक निर्णय लिया है।
  2. ऑनलाइन पढ़ाई:- बच्चों का शैक्षणिक नुकसान न हो, इसके लिए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षिका द्वारा ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य जारी रखा जाएगा।
  3. प्रशासन को सूचना:- ग्राम प्रधान ने वन विभाग और खंड शिक्षा अधिकारी को बाघ की आवाजाही की लिखित सूचना दे दी है और विभाग से बाघ को तुरंत पकड़ने या पिंजरा लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों की चेतावनी :-
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक वन विभाग बाघ के भय को समाप्त नहीं कर देता, तब तक वे बच्चों की जान जोखिम में नहीं डालेंगे। बाघ का खतरा टलते ही स्कूल को फिर से सामान्य रूप से संचालित कर दिया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि वन विभाग इस गंभीर स्थिति पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है ताकि बच्चे निडर होकर दोबारा स्कूल लौट सकें।