राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

राम भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।

श्री राम भक्त श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव पर सुंदरकांड पाठ व भंडारा।
श्री शांताकारम् हनुमत मंदिर, बसोली पट्ठर,सल्ट, उत्तराखंड। 9050463700

सोशल मीडिया पर सरकार का 'सर्जिकल स्ट्राइक', अब 3 घंटे में हटेगा आपत्तिजनक कंटेंट!

 


 All India tv news। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया को सुरक्षित बनाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए सरकार ने आईटी संशोधन नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। 

यह नए नियम 20 फरवरी, 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगे, जिसके बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (X) और यूट्यूब जैसी दिग्गज कंपनियों को अपनी कार्यप्रणाली पूरी तरह बदलनी होगी। 

मुख्य बिंदु:

3 घंटे का 'अल्टीमेटम' :- सरकार या कोर्ट द्वारा किसी भी 'अवैध सामग्री' को चिह्नित किए जाने के बाद कंपनियों को उसे हटाने के लिए अब सिर्फ 3 घंटे का समय मिलेगा। पहले यह समय सीमा 36 घंटे की थी। 

सेंसिटिव कंटेंट पर 2 घंटे की डेडलाइन :- गैर-सहमति वाली न्यूडिटी और डीपफेक जैसे अति-संवेदनशील मामलों में कंपनियों को कंटेंट हटाने के लिए मात्र 2 घंटे का समय दिया गया है। 

AI कंटेंट पर 'ठप्पा' अनिवार्य :- अब हर उस फोटो, वीडियो या ऑडियो पर 'AI Generated' या 'सिंथेटिक' लेबल लगाना अनिवार्य होगा जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बना है। इसे छिपाने या हटाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। 

यूजर की जिम्मेदारी :- कंटेंट अपलोड करते समय यूजर्स से यह घोषणा ली जाएगी कि क्या वह सामग्री AI द्वारा निर्मित है। गलत जानकारी देने पर यूजर और प्लेटफॉर्म दोनों पर कार्रवाई हो सकती है। 

खत्म होगा 'सेफ हार्बर' :- यदि कोई प्लेटफॉर्म इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो वह अपनी कानूनी सुरक्षा खो देगा और उस पर उसी तरह केस चलेगा जैसे उसने खुद वह अवैध पोस्ट डाली हो। 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव फेक न्यूज, डीपफेक और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने में मील का पत्थर साबित होगा। हालांकि, इतनी कम समय सीमा (3 घंटे) को लेकर टेक कंपनियों के सामने बड़ी तकनीकी चुनौतियां भी खड़ी होने वाली हैं।