All India tv news। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, अब सभी आधिकारिक सरकारी कार्यक्रमों और राजकीय समारोहों में 'वंदे मातरम्' के पूरे 6 छंद गाना या बजाना अनिवार्य कर दिया गया है।
क्या हैं नई गाइडलाइंस?
गृह मंत्रालय के इस नए प्रोटोकॉल के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
6 छंदों का गायन:- अब तक आमतौर पर वंदे मातरम् के पहले दो छंद ही गाए जाते थे, लेकिन अब सभी 6 छंदों का गायन अनिवार्य होगा।
निर्धारित समय:- पूरे गीत की अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड (190 सेकंड) तय की गई है।
सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य:- जिस तरह राष्ट्रगान 'जन गण मन' के दौरान खड़ा होना अनिवार्य है, उसी तरह अब वंदे मातरम् के समय भी सभी को सावधान की मुद्रा में खड़ा होना होगा।
राष्ट्रगान से पहले स्थान:- गाइडलाइंस के मुताबिक, जिन कार्यक्रमों में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों बजाए जाने हैं, वहां वंदे मातरम् को राष्ट्रगान से पहले प्राथमिकता दी जाएगी।
किन मौकों पर होगा अनिवार्य?
यह नया नियम निम्नलिखित महत्वपूर्ण अवसरों पर लागू होगा:
तिरंगा फहराने के समय।
राष्ट्रपति और राज्यपालों के आगमन और प्रस्थान के दौरान।
राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में।
नागरिक अलंकरण समारोहों और स्कूलों के कार्यक्रमों में।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह निर्णय राष्ट्रगीत की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लिया गया है। सरकार का उद्देश्य इस गीत को राष्ट्रगान के समान ही संवैधानिक दर्जा और सम्मान दिलाना है। गौरतलब है कि 1937 में कांग्रेस के एक अधिवेशन के दौरान इसके कुछ छंदों को हटा दिया गया था, जिसे अब मोदी सरकार ने पुनः पूर्ण रूप में स्थापित किया है।

