All India tv news। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर आज उस समय हड़कंप मच गया जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के बैग से जिंदा कारतूस बरामद हुआ। एयरपोर्ट की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कारतूस मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 6E 6136 से बेंगलुरु जाने की तैयारी कर रहे एक यात्री के सामान की जब एक्स-रे मशीन से जांच की गई, तो उसमें एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।
कैसे हुआ खुलासा?
जब सीआईएसएफ (CISF) के जवानों ने यात्री के बैग की भौतिक तलाशी ली, तो उसमें से 7.62 एमएम का एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। कारतूस मिलते ही एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया।
यात्री की पहचान और दलील:-
पकड़े गए यात्री की पहचान आलोक चंद (25 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से टिहरी गढ़वाल का रहने वाला है और बेंगलुरु के एक होटल में कार्यरत है। पूछताछ के दौरान यात्री ने अजीबोगरीब सफाई देते हुए कहा कि यह कारतूस उसके दादा का है, जो सेना से सेवानिवृत्त हैं, और गलती से उसके बैग में रह गया था।
कानूनी कार्रवाई:-
जब सुरक्षा अधिकारियों ने कारतूस से संबंधित वैध लाइसेंस या दस्तावेज मांगे, तो यात्री कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद सीआईएसएफ ने यात्री को हिरासत में लेकर जौलीग्रांट पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट (Arms Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
हवाई अड्डों पर इस तरह की लापरवाही न केवल यात्री के लिए मुसीबत बन सकती है, बल्कि सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह वाकई एक मानवीय भूल थी या इसके पीछे कोई और मकसद था।

