All India tv news। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन के आला अधिकारियों, सभी जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। सचिवालय में हुई इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए हैं।
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्देश:-
कानून-व्यवस्था पर सख्ती:- मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने हाल ही में देहरादून में हुई आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताते हुए पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अवैध अतिक्रमण और लैंड फ्रॉड:- मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को नदियों, नालों और सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के लिए संबंधित SDM, लेखपाल और पटवारी को जवाबदेह बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने लैंड फ्रॉड पर सख्त कानून बनाने की बात भी दोहराई।
जनता के द्वार शासन:- मुख्यमंत्री के निर्देश पर 'प्रत्येक नागरिक के द्वार सरकार' अभियान को 20 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने DM को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अभी तक कैंप नहीं लगे हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई आयोजित की जाए।
भ्रष्टाचार पर वार:- 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत, हाल ही में हुए वर्दी घोटाले जैसे मामलों का हवाला देते हुए CM ने स्पष्ट किया कि लापरवाही या भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
चारधाम यात्रा की तैयारी:- आगामी चारधाम यात्रा के सुव्यवस्थित संचालन के लिए संबंधित जिलों को आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना बनाने और 15 फरवरी तक सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
नशा मुक्ति और सत्यापन:- राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस को सघन चेकिंग अभियान चलाने और बाहर से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री धामी की इस हाई-प्रोफाइल बैठक से साफ है कि सरकार विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर बेहद गंभीर है। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर उतरकर आम जनता की समस्याओं का समाधान करें।

