All India tv news। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक युवक ने अपने जिंदा पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर न सिर्फ बैंक खाते से लाखों रुपये साफ कर दिए, बल्कि पैतृक संपत्ति हड़पने की भी कोशिश की। पुलिस ने आरोपी बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला सोमेश्वर के गुरुढा (चनौदा) गांव का है। हल्द्वानी निवासी लाल सिंह बोरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई किशन सिंह बोरा साल 2005 में मुंबई से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। आरोप है कि किशन सिंह के बेटे, महेश बोरा ने साल 2022 में जालसाजी करते हुए एक फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करवाया। इस दस्तावेज में दिखाया गया कि उसके पिता की मौत 2005 में ही हो चुकी है।
जिंदा हैं पिता, बेटे ने कर दी 'कागजी हत्या' :-
शिकायतकर्ता का दावा है कि किशन सिंह बोरा अभी जीवित हैं और किसी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के मंदिर में रह रहे हैं। लेकिन आरोपी महेश ने मुंबई के एक फर्जी एएनएम की मुहर का इस्तेमाल कर पिता को मृत घोषित कर दिया। इसी फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर उसने केनरा बैंक (चनौदा) से पिता के खाते में जमा लाखों रुपये निकाल लिए और जमीन बेचने का भी प्रयास किया।
प्रशासनिक जांच में हुई पुष्टि :-
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने जांच के आदेश दिए थे। 24 अप्रैल 2025 को आई जांच रिपोर्ट में प्रमाणपत्र के फर्जी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसएसपी अल्मोड़ा के निर्देश पर सोमेश्वर पुलिस ने आरोपी महेश बोरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एसएसपी का बयान:-
अल्मोड़ा के एसएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया, "इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है कि फर्जी प्रमाणपत्र बनाने में और कौन-कौन से लोग शामिल थे। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

