All India tv news। उत्तराखंड के देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आ रही है। रविवार रात मोतीचूर फ्लाईओवर पर एक साथ कई वाहनों की भिड़ंत ने तांडव मचा दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पल भर में गाड़ियाँ आग की लपटों में तब्दील हो गईं। इस दर्दनाक हादसे ने एक महिला और एक मासूम की जान ले ली है, जबकि कई लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हादसा रात करीब 10 बजे रायवाला के पास मोतीचूर फ्लाईओवर पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देहरादून में एक धार्मिक कार्यक्रम से लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक, बस, डंपर और दो कारों के बीच जोरदार टक्कर हुई। टक्कर के तुरंत बाद एक कार का सीएनजी सिलेंडर धमाके के साथ फट गया, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी धू-धू कर जलने लगे।
हादसे का मुख्य विवरण:-
मृतक:- कुसुम (निवासी बिजनौर) और एक बच्चा।
घायल:- आधा दर्जन से अधिक लोग, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
प्रभाव:- घंटों तक हाईवे के दोनों ओर लंबा जाम लगा रहा, फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
शुरुआती जांच में इस महा-दुर्घटना की वजह ओवरस्पीडिंग और लापरवाही मानी जा रही है। साथ ही, फ्लाईओवर पर पर्याप्त रोशनी न होना भी एक बड़ा कारण बनकर उभरा है।
सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इन संवेदनशील ब्लैक स्पॉट्स पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था?
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा की पोल खोल दी है। आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है?

